रङà¥à¤— दे बसनà¥à¤¤à¥€ के पहले िदन का पहला शो देखने के बाद, मेरे और सोनाली की सोच िबलà¥à¤•à¥à¤² िवपिरत थी, हमेशा की तरह। जहाॅ सोनाली िफलà¥à¤® के अनà¥à¤¤ से अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤¿à¤µà¤¤ थी, वही मै सोच रहा था की िफलà¥à¤® मेॅ कà¥à¤› यà¥à¤µà¤•ो दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾, केवल à¤à¤• नेता को मार देने से िकसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान नही हà¥à¤† । मेरी िजरह यह थी िक à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¿à¤¤ समाज से होती है à¤à¤µà¥… िकसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¿à¤¤ िवशेष को मारकर इसका हल नही िकया जा सकता ।
बाद मेॅ मेरे और सोनाली के बीच मेॅ इस बात पर िववाद à¤à¥€ हà¥à¤†, और अपना पकà¥à¤¶ रखने के िलठउसने रामायण का उदाहरण िदया । उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस रकà¥à¤¶à¤¾ मनà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ (defence minister) के कृतà¥à¤¯ पशॠसे कम नही थे, और पशॠको ओट से मारना कोइ पाप नही होता। (यहा पशॠशबà¥à¤¦ सॅकेतातà¥à¤®à¤• है, हम दोनोॅ का पशूओॅ से बेहद लगाव है. िकसी अनà¥à¤¯ िनषकरà¥à¤· पर ना पहूचेॅ) हालाॅिक, उस घोटाले मे और à¤à¥€ लोग जà¥à¤¡à¥‡ होॅगे, लेिकन जड को काटकर उन चारोॅ ने à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ उदाहरण पेश िकया है । à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° हमारे देश के, हमारे समाज के मूल से जà¥à¤¡ गया है, अब तो अिधकाॅश राजनीितक दल इसे बà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ नही मानते । इसका सà¥à¤¥à¤¾à¤¿à¤¯à¤¤à¥à¤µ हमारे समाज के पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बन गया है । समाज को à¤à¤• सही िदशा मे ले जाने के िलठà¤à¤¸à¤¾ कोई कठोर कदम उठाना ही होगा । कà¥à¤› लोगोॅ को मारना ही ही होगा, कà¥à¤› को मरना ही होगा। ये अलग सवाल है की िबलà¥à¤²à¥€ के गले मे घॅटी बाॅधेगा कौन? हर बार की तरह इस बार à¤à¥€ अनà¥à¤¤ मेॅ मैने अपने आप को सोनाली की हाॅ मे हाॅ िमलाते हà¥à¤ पाया। (मेरे िवचार से पà¥à¤°à¥‚ष को सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ से तरà¥à¤• करना ही नही चािहà¤, पà¥à¤°à¥‚ष मेॅ कà¥à¤› आधारà¤à¥‚त किमयाॅ है िजस कारण वह कà¤à¥€ जीत नही सकता)
मै कोइ िफलà¥à¤® सिमकà¥à¤¶à¤• या आलोचक नही हूॅ, और यहा इस िफलà¥à¤® के गà¥à¤£-अवगà¥à¤£ की चरà¥à¤šà¤¾ नही कर रहा। हा,ॅ यह तो तय है िक शासन कà¤à¥€ उचà¥à¤š वरà¥à¤— पर लािठ-चारà¥à¤œ नही करेगा। यह िफलà¥à¤® ओर अचà¥à¤›à¥€ बनती, अगर िनरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• ने वासà¥à¤¤à¤¿à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ िदखाई होती, कशà¥à¤®à¥€à¤°, मिणपà¥à¤°, छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ढ, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤, िबहार आिद मेॅ रोज हो रहे आिदवािसयो, दिलतोॅ, और गरीबोॅ पर अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° से नायकोॅ को à¤à¤¢à¤•ाया होता । लेिकन यह à¤à¥€ सच है िक आज के मलà¥à¤¿à¤Ÿà¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ यà¥à¤— के यà¥à¤µà¤•-यà¥à¤µà¤¿à¤¤à¤¯à¤¾à¥… उन घटनाओॅ से खà¥à¤¦ को जोड नही पाते ।
लेिकन कà¥à¤› तथà¥à¤¯ िवचारणीय है।
१. à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° िहॅसा है : अिधकाॅश लोग à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° को à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¿à¤¤à¤—त à¤à¤µà¥… सामािजक बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ मानते है । वह तो ये िनशà¥à¤¿à¤šà¤¤ रूप से है। लेिकन इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ और गहरा होता है। à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° समाज मेॅ à¤à¤• वरà¥à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दà¥à¤¸à¤°à¥‡ कमजोर वरà¥à¤—ो पर िकठजा रहे िहनà¥à¤¸à¤¾ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है । सरकारी करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ à¤à¤µà¤®à¥ नेताओॅ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हो रहे बािकयोॅ के शोषण का à¤à¤• सà¥à¤µà¤°à¥‚प है। यह वन रकà¥à¤¶à¤¾ करà¥à¤¿à¤®à¤¯à¥‹à¥… दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आिदवािसयोॅ से हफà¥à¤¤à¤¾ वसूली से शà¥à¤°à¥‚ होता है, और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤¨à¥à¤¤à¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने सािथयो के साथ रकà¥à¤¶à¤¾ घोटाले पर खतà¥à¤® होता है॥ इसके दà¥à¤·à¤«à¤² काफी à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ हो सकती हैॅ। लोगो को उनके मूल अिधकारोॅ से वञà¥à¤¿à¤šà¤¤ िकया जाता है, लाखोॅ लोगोॅ और सैिनको की जान जोिखम मे डाल दी जाती है।
२. सबसे बढी िजमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤¿à¤°à¤¯à¥‹à¥… के पà¥à¤¤à¥à¤°-पà¥à¤¤à¥à¤¿à¤°à¤¯à¥‹à¥… की है : मै कà¤à¥€ सपने मेॅ à¤à¥€ नही सोच सकता अगर मेरे माता-िपता à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ होते तो मै कà¥à¤¯à¤¾ करता। कà¥à¤¯à¤¾ मै कà¤à¥€ उन पर गरà¥à¤µ कर पाता? करण िसनà¥à¤˜à¤¾à¤¿à¤¨à¤¯à¤¾ ने सबसे सही काम िकया। कà¥à¤¯à¤¾ उन नेताओॅ-अफसरो की औलादोॅ को अपने माता-िपता से िघन नही होती ? अगर होती है तो वो उनसे समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ िवचà¥à¤›à¥‡à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹ नही करते? मै उनसे आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨ करता हूॅ की अपने घरवालौॅ के कृतà¥à¤¯, वे खà¥à¤¦ उजागर करे। नही तो उनà¥à¤¹à¥‡ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤—ीदार माना जाà¤à¤—ा।
३. चरमराती नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ : हमारी नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤²à¥€ अङà¥à¤—रेजो की देन है । इसे शासन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शोिषत को और दबाने के िलठही बनाया गया है । कà¤à¥€ िकसी नेता, बाबू, पà¥à¤²à¥€à¤¸à¤•रà¥à¤®à¥€, अमीर वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥€ को इस देश मे सजा नही हो सकती, चाहे वो िकतने ही िघनौने कृतà¥à¤¯ कà¥à¤¯à¥‹ ना कर ले। à¤à¤¸à¥‡ मे आम जनता को कà¥à¤¯à¤¾ करना चािहà¤? मेरे िवचार सारà¥à¤µà¤œà¤¿à¤¨à¤• रूप से पà¥à¤°à¤•ट करना ठीक नही। लेिकन अगर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से इॅसाफ नही िमलता तो उसे अपने हाथ मेॅ लेने मे कोई दोष नही हैॅ। और जब तक अदालत का फैसला नही आ जाता, तब तक उसका सामािजक बिहषà¥à¤•ार उिचत है, िवशेषकर जब वह उचà¥à¤š पद पर आसीन हो ।
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